बड़ी खबर ! सहकारी दूध संघ के 26 सदस्यों की नियुक्ति राज्य सरकार ने रद्द की

 
बड़ी खबर ! सहकारी दूध संघ के 26 सदस्यों की नियुक्ति राज्य सरकार ने रद्द की

पुणे, 13 फरवरी – राज्य में जिला व तालुका स्तर पर सहकारी दूध उत्पादक संघ पर पूर्ववर्ती सरकार द्वारा नियुक्त किए गए 26 गैरसरकारी सदस्यों की नियुक्ति राज्य सरकार ने रद्द कर दी है. इनमें प्रमुख रूप से कात्रज, महानंद, बारामती, इंदापुर, अकलूज और कोल्हापुर के गोकूल दूध उत्पादक संघ के सदस्य शामिल है.

महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम 1960 की धारा 73अ की उपधारा (2) के अनुसार सहकारी संस्थाओं को सरकार द्वारा पूंजी, कर्ज, गारंटी, अनुदान, सरकारी जमीन के रूप में या अन्य किसी भी रूप में कैश या सामान के रूप में मदद मिला है, ऐसी संस्थाओं में एक प्राइवेट व्यक्ति को डायरेक्टर के रूप में नियुक्त करने का प्रावधान है. सहकार विभाग के 6 अप्रैल 2016 व 14 मार्च 2017 की अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार ने जिला व तहसील स्तर पर सहकारी दूध उत्पादक संघ पर नियुक्त किए गए लोगों के अनुभव व शैक्षणिक योग्यता निश्चित की थी. इसका पालन दूध संघ में नियुक्त 26 गैरसरकारी सदस्यों के मामले में की गई थी. सरकार ने गुरुवार 13 फरवरी को सर्कुलर जारी करके यह नियुक्तियां रद्द कर दी.

जिनकी नियुक्तियां रद्द की गई है उनमें तानाजी दिवेकर-पुणे जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ, कात्रज, दादासाहेब कोकणे-बारामती तहसील दूध उत्पादक संघ, दिलीप खैरे-महाराष्ट्र राज्य सहकारी दूध महासंघ (महानंदा), मुंबई, विनतराव पाटिल-दूधगंगा दूध उत्पादक संघ, इंदापुर, अनिलकुमार यादव-कोल्हापुर जिला दूध उत्पादक संघ (गोकुल), रणजीत सूल-शिवामृत तहसील सहकारी दूध उत्पादक संघ, अकलूज के अलावा जिनकी सदस्यता रद्द की गई है उनमें सातारा, सांगली, लातूर, नासिक, औरंगाबाद, नागपुर, जालना के जिला, तालुका व संघ के सदस्य है. सबसे अधिक 7 सदस्य बीड का जबकि 3 सदस्य अहमदनगर जिले से है. इन सभी सदस्यों की नियुक्ति 19 जून 2018 से 25 जुलाई 2019 के बीच की गई थी. इसलिए कुछ सदस्यों को छह महीने में ही पद से हटना पड़ा है.

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