“इंदुरिकर महाराज में विकृत मानसिकता वाले लक्षण हैं, उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करें”: अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की मांग

 
“इंदुरिकर महाराज में विकृत मानसिकता वाले लक्षण हैं, उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करें”: अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की मांग

समाचार ऑनलाइन- इंदुरिकर महाराज ने गर्भलिंग परीक्षण कानून का उल्लंघन किया है. उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए. अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कार्याध्यक्ष अविनाश पाटिल ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह मांग उठाई है.

उन्होंने कहा कि कीर्तन के दौरान हास्य, विनोद करना इंदुरिकर महाराज की विकृत मानसिकता के लक्षण हैं. उनका एक वीडियो रिकॉर्डिंग YouTube पर अपलोड किया गया है, इसमें वह पुत्र प्राप्ति का तरीका बताते दिखाई दे रहे हैं. उनके यह बयान असंवैधानिक हैं। उनका बयान पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन है. उनके प्रवचनों में अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाले होते हैं. साथ ही इनमें महिलाओं के लिए उपेक्षा और घृणा होती है.

क्या कहा था इंदुरिकर महाराज?

उन पर आरोप है कि उन्होंने अहमदनगर जिले के एक गांव में कीर्तन के दौरान बेटा पैदा करने का ऑड-ईवन फार्मूला बताया है. उनके मुताबिक इवन (सम) डे पर संबंध बनाने से बेटा पैदा होता है, जबकि ऑड (विषम) दिन पर ऐसा करने से लड़की का जन्म होता है. इसके अलावा यदि संभोग बीच में छूट जाए तो जन्म लेने वाले बच्चे की गुणवत्ता पर असर पड़ता है.

इस बयान के बाद उन पर पीसीपीएनडीटी कानून के अनुच्छेद 22 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है. पीसीपीएनडीटी की सलाहकार समिति द्वारा इंदुरिकर को नोटिस भेजा गया है। इंदुरिकर महाराज से उनके बयान पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पीसीपीएनडीटी सदस्यों ने कहा है कि अगर नोटिस दिए जाने के बाद साक्ष्य मिलते हैं, तो अपराध दर्ज किया जाएगा।

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