एसीबी के अधिकारी हैं, इतना समझते ही रिश्वत में लिए पैसे फेंक दिए

सोलापुरः पुणे समाचार

भीमा नहर मंडल के अधीक्षक अभियंता राजकुमार कांबले ने ठेकेदार से सुरक्षा अमानत (सिक्यूरिटी डिपोजिट) वापिस करने के नाम पर एक लाख रुपए की रिश्वत माँगी थी। आपसी बातचीत से 80 हज़ार रुपए पर सहमति बनी थी। रिश्वत की राशि स्वीकार करते समय ही खबर मिल गई कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) पहुँचने वाला है। इतना पता चलते ही आरोपी ने अपने ड्राइवर कैलास सोमा अवचरे के हाथों बाहर फिंकवाने की कोशिश करते हुए सबूत नष्ट करने की साजिश की। लेकिन उसी समय अधीक्षक कांबले और ड्राइवर अवचरे को रंगेहाथों पकड़ा गया तथा आगे की जाँच के लिए उनसे रिश्वत के पैसे बरामद किए गए।

इस मामले में अभियंता ने ठेकेदार से दो लाख रुपए की रिश्वत माँगी थी। रिश्वत का पहला हफ्ता एक लाख बीस हज़ार रुपए दिया जा चुका था। अमानत राशि वापिस करने के बारे में पत्र देने के लिए फिर से एक लाख रुपए की माँग की गई। जिसमें से 80 हज़ार रुपए लेते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।