महाशिवरात्रीके पावन पर्व से संगितमय हनुमान चालिसा का आयोजन

पुणे समाचार

महाशिवरात्री के पावन पर्व सें श्री सालासार हनुमान चालिसा मंडल द्वारा संगितमय हनुमान चालिसा के पाठ का आयोजन शुरु हो रहा है।

पुणे के श्री सालासर हनुमान चालिसा मंडल पिछले 10 सालसे महाशिवरात्रीसे लेकर हनुमानजयंती तक हररोज संगित हनुमानचालीसा का पाठ करते है। इस साल दि. 13 फ्रेब्रुवारी 2018 से महाशिवरात्रिके पवित्र धार्मिक उत्सव कि शुरुवात भिकारदास मारुती मंदिर, सदाशिव पेठ से भक्तिपूर्ण वातावरण मे होने वाली है। यह वर्ष इस मंडल का ग्यारहवे उत्सव का वर्ष है।

इससे पहले यह उत्सव भक्तोंके घरमें होता था। लेकिन पिछले पाॅंच छह सालसे इस भक्तिपूर्ण उत्सव में जादा से जादा लोग शामिल होने हेतू, पुणे के विभिन्न मंदिरोंमे जैसे, श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर सारसबाग, नारायणी धाम लोणावळा, भिकरदास मारुती मंदिर इन मंदिरोंमेभी आयोजन किया जाता है।

इस उत्सव में हर दिन रात 9.30 बजे पाठ की शुरुवात होती है। ग्यारह बार हनुमान चालिसा का विभिन्न धून, ताल, सुर में पठन किया जाता है। आरती, मंत्रपुष्पांजलि, यह इस उत्सव में हरदिन किया जाता है। आरती में इकठ्ठा हुई राशि का उपयोग होम-हवण के लिए किया जाता है। आैर उसमेसे कुछ राशीका उपयोग सामाजिक कार्यों के लिए किया जाता है।

अंधशाला, अनाथालय, वृद्धाश्रम, के लोगों को वस्तू तथा पैसों के रुप मदत कि जाती है। पंढरपूर के आषाढी वारी उत्सव के समय वारकरी लोगोंकी सेवा कि जाती है। युवकोंके लिए इंस्पिरेशनल तथा मोटिवेशनल लेक्चर आयोजित किए जाते है। गाैमाता के खाने कि चीजें गाैशाला को दि जाती है। ब्लड डोनेशन के शिबीरोंका भी आयोजन किया जाता है। इस साल 1 अप्रैल 2018 को बडे ब्लड डोनेशन शिबीर का आयाेजन किया है। इस तरह अन्य भि कई सामाजिक कार्य इस मंडल द्वारा किए जाते है।

इस 47 दिनोंके उत्सव में छोटे बच्चोंसे लेकर बुजुर्गो तक सभी शामील होते है। इस उत्सव कि समाप्ती हनुमान जयंती के दिन भव्य होमहवन से कि जाती है। समाजमें प्रतिष्ठावाण समझने जानेवाले सभी लोग इस उत्सव में शामिल होते है। हनुमानचालीसाका ज्यादा से ज्यादा प्रचार आैर प्रसार हो आैर लोगोंकी सेवा हो यह इस उत्सव का मुख्य हेतू है।

जादा से जादा लोग इस कार्यक्रम मे शामील होकर सत्कार्य करे एैसा श्री सालासर हनुमान चालिसा मंडळ द्वारा अवाहन किया गया है।